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भाईजीकहिन Bhaijikahin

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101 प्रतिशत सही भविष्‍यवाणी करने वाला चूहा

Posted On: 13 Jul, 2010 Others,न्यूज़ बर्थ में

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मैंनें भाईजी को दूर से हाथ में एक बड़ा-सा पिंजरा लिए आते देखा । पिंजरे में क्‍या है ? यह जाननें की उत्‍सुकता मन में थी, क्‍योंकि यदि कोई व्‍यक्ति अपने नियमित आचरण से अलग कोई व्‍यवहार कर रहा है तो उसका कारण जानना अन्‍य सभी का जन्‍मसिद्ध अधिकार होता है ।

 

भाईजी के पास आने पर मैंनें देखा कि पिंजरें में एक बड़ा-सा चूहा बैठा है । मैंने भाईजी को छेड़ने की नीयत से सवाल दागा, ‘क्‍यों भाईजी ये तोहफा किसके लिए हैं ?’

 

‘अरे, आपको कैसे पता चला कि मैं ये तोहफा लेकर आया हूँ ? भई मानना पड़ेगा आप भी ऑक्‍टोपस की नजर रखते हैं । उस मिस्‍टर पॉल ने फुटबॉल को फुटपॉल बना दिया है । उसकी दस में से नौ भविष्‍यवाणियां सटीक बैठी है, ऐसी मीडिया में चर्चा है ।’ भाईजी ने उत्तर दिया ।

 

‘वह तो ठीक है भाईजी लेकिन क्‍या इस बात का जिक्र भी है कि वह ऑक्‍टोपस बोल कर भविष्‍यवाणी करता है या फिर हमारे मौनी बाबाओं की तरह कोई इशारे करता है ?’

 

‘यही तो मैं जानना चाहता हूँ कि भईये जब उसे भविष्‍यवाणी करनी होती है तब क्‍या वह स्‍वयं अपनी अष्‍टभुजाओं में से एक भुजा उठाकर कहता है कि जर्मनी या स्‍पेन का झंडा लाओं मैं उस पर बैठूँगा ? अरे आप उसके पास जो झंडा रखेंगें उस पर ही तो वह बैठेगा । अब ये गणित पढ़नें वालों से पूछों कि दो में से एक सही चुननें की कितनी संभावनाएं यानि प्रोबेबिलिटी बनती है । अब आप उसके पास भारत और पाकिस्‍तान का झंडा रखते तो क्‍या वह पानी में तैरता ही रहता ? बैठता तो तब भी, इतना बड़ा शरीर लेकर कहीं तो आराम करेगा ही ।’

 

‘अरे छोडि़यें उस ऑक्‍टोपस पॉल को अब यह तो बताइयें कि ये जो आप पिंजरें में लिए है और इसे तोहफा मान भी लिया है, यह किसके लिए है ?’ मैंनें भाईजी को टोका ।

 

भाईजी बोले, ‘अब ज्‍यादा चहचहानें वाले हमारे उन मंत्री जी को नहीं जानतें जो पहले विदेश सेवा में थे और फिर मंत्री बनें, लेकिन अपनी चहचहानें की आदत से मंत्री पद से हाथ धो बैठे ।’

 

‘जी भाईजी जानता हूँ ? लेकिन उनका इस तोहफे से क्‍या संबंध ?’

 

‘बात दरअसल ये हैं कि वे विदेश सेवा में रहते-रहते ज्‍यादा विदेशी हो गए हैं इसलिए चहचहायें हैं कि – “हैटस ऑफ, ऑक्‍टोपस पॉल ! अब तक किसी ‘इंडियन ज्‍योतिषी’ ने 100 पर्सेंट सही भविष्‍यवाणी करने का रेकार्ड नहीं बनाया है ।’’

 

‘लेकिन भाईजी यह चूहा उन चहचहानें वाले भूतपुर्व मंत्री जी के लिए ही तोहफा क्‍यों ? क्‍या यह भी चहचहाता है ?’

 

‘अरे भाई उस नब्‍बे प्रतिशत सही भविष्‍यवाणी करने वाले के लिए आप अपना हैटस ऑफ कर रहे हैं और जो ये खालिस भारतीय चूहा 101 प्रतिशत सही करता है उसके लिए क्‍या करेंगें ? क्‍या अपनी पेंट्स ऑफ करेंगें ?’

 

मुझसे रहा नहीं जाता, मैं भाईजी को फिर टोकता हूँ, ‘ये आपका खालिस भारतीय चूहा आखिर ऐसा क्‍या करता है साफ-साफ बताइये ना, क्‍यों रहस्‍य पैदा कर रहे हैं ?’

 

भाईजी बोलें, ‘अरे मेरे भाई रहस्‍य तो आप बना रहे हैं जो मुझे बात पूरी करने से पहले ही टोक देते हैं ताकि मैं अपनी बात बता ही नहीं पाऊँ ? ये खालिस भारतीय चूहा मेरी पत्‍नी द्वारा छूपाई गई नई-नई साडि़यों को खोज निकालता हैं, भले ही वह उन्‍हें सात तालों के अंदर रख लें ? अन्‍य किसी कपड़ें को दाँत भी नहीं लगाता । जब से हमारे घर में आया है तब से अब तक 15 की 15 नई-नई साडि़यों पर अपना करतब दिखा चुका है । हुआ न 100 पर्सेंट सही ?’ इतना कह भाईजी तेजी से आगे निकल गए ।

 

सदैव की तरह मैं खड़ा सोचता रहा कि विदेशियों को सम्‍मान देनें के चक्‍कर में हम अपनों को छोटा क्‍यों समझनें लगते हैं ? इस बारे में आप क्‍या सोचते हैं ?

 

इस पोस्‍ट पर पोस्‍ट योर कमेंट पर क्लिक कर अपनी रॉय से अवगत कराना ना भूलें ।

 

अरविन्‍द पारीक 



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19 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

mittal के द्वारा
19/11/2013

मै  बविसय जानना चाहति हु

Poonam के द्वारा
25/07/2010

आदरनिये पारीकजी, निखिलजी ,बाजपेयीजी ,आदितिजी ,मिश्राजी ,आदि सभी ने इस व्यंग की दिल खोल कर तारीफ़ की है सिर्फ इसी ब्लॉग की नहीं ,पहले भी इतनी सटीक प्रतिक्रियाए आपको मिलती रही है |बधाई , आपके व्यंग सटीक व् गहरे होते है हर ‘आम ओ ख़ास’की आवाज होते है |सही मायने में आप ही प्रथम पायदान के हक़दार है | आपके ब्लॉग से ही मुझे हिंदी में प्रतिक्रिया टाइप करनी आई ,आभारी हूँ |वयस्तता के कारण,केफे नहीं जा सकती ,निरंतर प्रतिक्रिया नहीं दे पाती .सादर वन्दे पूनम

    bhaijikahin by ARVIND PAREEK के द्वारा
    26/07/2010

    धन्‍यवाद पूनम, बस इसी तरह उत्‍साह बढ़ाते रहों । अरविन्‍द पारीक

http://jarjspjava.jagranjunction.com के द्वारा
20/07/2010

क्युकी, शायद हम भारतीय विदेशियों को अपनी ससुराल से आया हुआ रिश्तेदार समझते हैं.. लड़की के घर वाले जितना भी अच्छा ताम झाम क्यों न कर लें, ससुराली के काम को ही अव्वल दर्जे का समझते हैं| khair kuchh भी kahe , purb हो yaa pashchim , duniya kitni भी tarraki क्यों naa kr ले lekin andhvishvaas ki lo hamesha jalti rahegi…| -ek uttam rachna के liye apka bahut bahut dhanywaad Nikhil Singh

    Arvind Pareek के द्वारा
    21/07/2010

    प्रिय श्री निखिल सिंह जी, आपका आभार आपनें रचना पसंद की । बस एक टीस सी उठती है जब कोई उच्‍च पद पर बैठा व्‍यक्ति भारत को कमतर समझता हैं । जबकि दूनिया को दिमाग देने वाला है हमारा भारत । अरविन्‍द पारीक

saday के द्वारा
19/07/2010

मजा आगया, बहूत बढिया

    Arvind Pareek के द्वारा
    21/07/2010

    धन्‍यवाद सदय । बस इसी तरह पढ़तें व लिखते रहों । अरविन्‍द पारीक

Ramesh bajpai के द्वारा
14/07/2010

अरे भाई उस नब्‍बे प्रतिशत सही भविष्‍यवाणी करने वाले के लिए आप अपना हैटस ऑफ कर रहे हैं और जो ये खालिस भारतीय चूहा 101 प्रतिशत सही करता है उसके लिए क्‍या करेंगें ? अरबिंद जी हम तो यही कहेगे की रचना पढ़ कर मजा आ गया बधाई

    Arvind Pareek के द्वारा
    16/07/2010

    प्रिय श्री रमेश बाजपेई जी, आपको रचना पढ़कर मजा आया, यह जानकार मन प्रसन्‍न हो गया । आपकी प्रतिक्रिया के लिए धन्‍यवाद । अरविन्‍द पारीक

kmmishra के द्वारा
13/07/2010

घर का चूहा दाल बराबर । हैट्स आफ धांसू व्यंग के लिये । आभार ।

    Arvind Pareek के द्वारा
    16/07/2010

    प्रिय श्री मिश्रा जी, व्‍यंग्‍य पर धांसू का तगमा लगानें पर आपका आभार ही व्‍यक्‍त कर सकता हूँ । जब कोई उच्‍चकोटि का व्‍यंगकार इस तरह टिप्‍पणी करता है तो उत्‍साह दूगूना हो जाता हैं । आपका बहुत बहुत धन्‍यवाद । अरविन्‍द पारीक

aditi kailash के द्वारा
13/07/2010

काफी दिनों बाद आपकी नई पोस्ट आई, पर पढ़कर मजा आ गया…. हर एक विषय पर भाईजी के विचार सधे हुए होते हैं… जैसे साबू के बिना चाचा चौधरी अधूरे हैं, वैसे ही भाईजी के बिना आपके पोस्ट की कल्पना करना नामुमकिन है…. भगवान आप दोनों की जोड़ी हमेशा सलामत रखे….

    Arvind Pareek के द्वारा
    16/07/2010

    सुश्री अदिति जी, आपकी शुभकामनाओं के लिए आभारी हूँ । आपका धन्‍यवाद । अरविन्‍द पारीक

nikhil pandey के द्वारा
13/07/2010

भाई जी कमाल है ..और उनकी बाते बहुत ही गहरी होती है… सटीक समय पे सटीक बाते… बढ़िया पोस्ट पारीक जी ….

    Arvind Pareek के द्वारा
    16/07/2010

    धन्‍यवाद निखिल पाण्‍डेय जी । सही समय पर सही बात की ही कीमत होती है ।

chaatak के द्वारा
13/07/2010

उत्तम व्यंग ! भाई जी की सिक्स्थ-सेन्स कमाल की है किसी भी चीज़ पर नज़र पड़ी के उसका कलेवर ही बदल जाता है| आपने हर बार सिद्ध किया है आप जागरण के स्टार-ब्लॉगर यूँ ही नहीं, कुछ ख़ास है आपमें जो औरों में नहीं| अच्छी पोस्ट बधाई !

    Arvind Pareek के द्वारा
    16/07/2010

    भाई चातक जी, व्‍यंग्‍य की प्रशंसा के लिए धन्‍यवाद व मेरी प्रशंसा के लिए आपके कीबोर्ड पर आपके कर कमलों से टंकित शब्‍दों के लिए भी धन्‍यवाद । अरविन्‍द पारीक

Nikhil के द्वारा
13/07/2010

प्रिय पारीक जी, आप और भाईजी की बातें; मनमोहक, सटीक, सूचनाओं का पिटारा और शिक्षाप्रद! अरे भाई उस नब्‍बे प्रतिशत सही भविष्‍यवाणी करने वाले के लिए आप अपना हैटस ऑफ कर रहे हैं और जो ये खालिस भारतीय चूहा 101 प्रतिशत सही करता है उसके लिए क्‍या करेंगें ? क्‍या अपनी पेंट्स ऑफ करेंगें ?’ उपरोक्त दो पंक्तियों में ही आपने साड़ी बह्विश्यवानी सत्य कर दी. इतनी जल्दी प्रतिक्रिया दी क्या करूँ ,आपके पोस्ट पर नज़रें क्या जाती हैं , मैं खुद को रोक नहीं पाता.

    Arvind Pareek के द्वारा
    16/07/2010

    प्रिय श्री निखिल जी, आपकी तीव्रतम प्रतिक्रिया के लिए अत्‍यंत आभारी हूँ । आपका बहुत बहुत धन्‍यवाद आपनें इस आलेख को पसंद किया । अरविन्‍द पारीक


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